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शायरी

वो धड़कने आज भी कानों में सुनाई पड़ती है I दिल टूट के चूर है, फिर भी साँसे आहें भरती है II मन को समझाना आशान है, ये दिल से तो हर बहाने बाजी भी डरती है II --------------------------------------------------------------- बिन तुम्हारे एक पल भी ना कटे I उदासी के यह काले बादल चेहरा से ना छठे II जुदाई की बिजली जब सीने में कराक्ति है I आँखों के रास्ते आंसू बरसती है II --------------------------------------------------------------- राह राह पे साथी मिलते रहें I मिला ना जीवन साथी कोई II सपनों का घोरंदा सपना ही रेह गया I रेहने ना आया इसमे कोई II --------------------------------------------------------------- ज़िन्दगी थमती नहीं, ये तो केवल मान्सिक ठराव है II इस हार को हार मत समझना I ये उन्नति का पेहला पराव है II