शायरी
वो धड़कने आज भी कानों में सुनाई पड़ती है I
दिल टूट के चूर है, फिर भी साँसे आहें भरती है II
मन को समझाना आशान है,
दिल टूट के चूर है, फिर भी साँसे आहें भरती है II
मन को समझाना आशान है,
ये दिल से तो हर बहाने बाजी भी डरती है II
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बिन तुम्हारे एक पल भी ना कटे I
उदासी के यह काले बादल चेहरा से ना छठे II
जुदाई की बिजली जब सीने में कराक्ति है I
आँखों के रास्ते आंसू बरसती है II
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राह राह पे साथी मिलते रहें I
मिला ना जीवन साथी कोई II
सपनों का घोरंदा सपना ही रेह गया I
रेहने ना आया इसमे कोई II
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ज़िन्दगी थमती नहीं,
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बिन तुम्हारे एक पल भी ना कटे I
उदासी के यह काले बादल चेहरा से ना छठे II
जुदाई की बिजली जब सीने में कराक्ति है I
आँखों के रास्ते आंसू बरसती है II
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राह राह पे साथी मिलते रहें I
मिला ना जीवन साथी कोई II
सपनों का घोरंदा सपना ही रेह गया I
रेहने ना आया इसमे कोई II
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ज़िन्दगी थमती नहीं,
ये तो केवल मान्सिक ठराव है II
इस हार को हार मत समझना I
इस हार को हार मत समझना I
ये उन्नति का पेहला पराव है II
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