पालूँ तुम को
पास रहकर भी
क्यूँ अनजाने हैं हम।
रोता है दिल
कितना जाने ना हम।
पास रहकर भी
क्यूँ अनजाने हैं हम।
रोता है दिल
कितना जाने ना हम।
पालूँ तुम को
चाहता है मेरा दिल।
छोड़ कर सब
आकर तू मुझसे मिल।
जीवन में इतने
हो गए हैं व्यस्त।
होती है बातें
पर होती नहीं स्पष्ट।
बिना कोई कारन
होती है गलत फेमियाँ ।
चाह कर भी
मिलती नहीं सारी खुशियाँ।
पास रहकर भी
क्यूँ अनजाने हैं हम।
रोता है दिल
कितना जाने ना हम।
पास रहकर भी
क्यूँ अनजाने हैं हम।
रोता है दिल
कितना जाने ना हम।
क्यूँ अनजाने हैं हम।
रोता है दिल
कितना जाने ना हम।
पास रहकर भी
क्यूँ अनजाने हैं हम।
रोता है दिल
कितना जाने ना हम।
पालूँ तुम को
चाहता है मेरा दिल।
छोड़ कर सब
आकर तू मुझसे मिल।
जीवन में इतने
हो गए हैं व्यस्त।
होती है बातें
पर होती नहीं स्पष्ट।
बिना कोई कारन
होती है गलत फेमियाँ ।
चाह कर भी
मिलती नहीं सारी खुशियाँ।
पास रहकर भी
क्यूँ अनजाने हैं हम।
रोता है दिल
कितना जाने ना हम।
पास रहकर भी
क्यूँ अनजाने हैं हम।
रोता है दिल
कितना जाने ना हम।
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